• तकनीकी बर्बरता के नए युग की शुरुआत है ऑनलाइन शिक्षा

    Author(s):
    Giorgio Agamben
    Contributor(s):
    Pramod Ranjan (see profile)
    Date:
    2020
    Group(s):
    Digital Humanists, Education and Pedagogy, Philosophy
    Subject(s):
    COVID-19 (Disease) in mass media, Electronic surveillance--Social aspects, High technology and education
    Item Type:
    Translation
    Tag(s):
    COVID-19 Pandemic, Pramod Ranjan, Heigher education, Students, faculty
    Permanent URL:
    https://doi.org/10.17613/tp5g-9q95
    Abstract:
    नावेल कोरोना वायरस के अनुपातहीन भय के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों में इतालवी दार्शनिक जार्जो आगम्बेन सबसे प्रतिष्ठित आवाज हैं। उनकी बातों का विश्व के प्रमुख अकादमिशयनों ने संज्ञान लिया है, जिसके परिणामस्वरूप कथित ऑनलाइन-डिजिटल शिक्षा के के विरोध की सुगबुगाहट वैश्विक स्तर पर आरंभ हुई है। यहां प्रस्तुत है, उनकी एक टिप्पणी…
    Notes:
    आगाम्बेन की कोविड संबंधी टिप्पणियों का हिंदी अनुवाद प्रमोद रंजन की शीघ्र प्रकाश्य पुस्तक ‘भय की महामारी’ में संकलित हैं, जिन्हें जॉर्जो आगम्बेन की अनुमति से किया गया है।
    Metadata:
    Published as:
    Online publication    
    Status:
    Published
    Last Updated:
    2 months ago
    License:
    Attribution
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