• विपाशा के कविता विशेषांक से गुजरते हुए

    Author(s):
    Pramod Ranjan (see profile)
    Date:
    2022
    Group(s):
    Book Reviewing, Literary Journalism
    Subject(s):
    Hindi literature, Hindi poetry, Little magazines, Book reviews
    Item Type:
    Book review
    Tag(s):
    Hindi literature--History and criticism, Vipasha, Hindi Kavita, Hindi Sahitya, Books--Reviews--Periodicals
    Permanent URL:
    https://doi.org/10.17613/5pae-ea25
    Abstract:
    यह हिमाचल प्रदेश के भाषा एवं संस्कृति विभाग की पत्रिका 'विपाशा' के वृहत्त कविता विशेषांक की समीक्षा है, जिसमें सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, मुक्तिबोध, अज्ञेय, केदारनाथ सिंह, विजेंद्र, पवन करण, प्रदीप सैनी, लीलाधर जगुड़ी, नरेश सक्सेना, मंगलेश डबराल, पंकज सिंह, अनूप सेठी, कुलराजीव पंत आदि की कविताओं को रेखांकित किया गया है।
    Notes:
    यह समीक्षा विपाशा के मार्च-अप्रैल, 2007 अंक में प्रकाशित हुई थी।
    Metadata:
    Published as:
    Journal article    
    Status:
    Published
    Last Updated:
    3 months ago
    License:
    Attribution-NonCommercial
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    Item Name: pdf विपाशा-के-कविता-विशेषांक-से-गुजरते-हुए.pdf
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