• मीडिया में हिस्सेदारी

    Author(s):
    Pramod Ranjan (see profile)
    Date:
    2022
    Group(s):
    Digital Books, Gender Studies, Literary Journalism, Sociology
    Subject(s):
    Journalism--Objectivity, Journalism and literature, Journalism and social justice, Indian press, Minorities in journalism, Dalits, Women journalists, Race in mass media, Caste in literature
    Item Type:
    Book
    Tag(s):
    Journalism--India--History, Sudra, Patrkarita, Bihar, obc, Adivasi, Bahujan, News paper, News Room
    Permanent URL:
    https://doi.org/10.17613/7bf4-3p41
    Abstract:
    यह पुस्तक बिहार के मीडिया संस्थानों में कार्यरत पत्रकारों की सामाजिक पृष्ठभूमि पर केंद्रित है। इसमें वर्ष 2009 में किया गया वह चर्चित सर्वेक्षण भी शामिल है, जिसमें पाया गया था कि बिहार की पत्रकारिता में फैसला लेने वाले पदों पर एक भी दलित, पिछड़ा, आदिवासी या स्त्री नहीं है। पुस्तक में कुल छह लेख शामिल हैं। जिनका विवरण निम्नांकित हैं : 1. पिछली सीटों की हिस्सेदारी (बिहार के मीडिया संस्थानों की सामाजिक पृष्ठभूमि का सर्वेक्षण) 2. विश्वास का धंधा (पेड न्यूज के समाजशास्त्र पर केंद्रित लेख) 3. अविश्वास का मतलब (पत्रकारिता क्यों कतई विश्वसनीय नहीं हो सकती) 4. सन् 47 से पहले, और सन् 90 के बाद (हिंदी पत्रकारिता के इतिहास का आलोचनात्मक अध्ययन) 5. चयन के विकल्प पर ताला (हिंदी अखबारों में रचनाशीलता की कमी क्यों है) 6. पत्रकारिता का चोली-दामन (बिहार की पत्रकारिता में व्याप्त चाटुकारिता पर केंद्रित)
    Notes:
    भारतीय मीडिया में व्याप्त जातिवाद का विश्लेषण
    Metadata:
    Published as:
    Book    
    Status:
    Published
    Last Updated:
    5 months ago
    License:
    Attribution
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    Item Name: pdf ranjan-pramod.-मीडिया-में-हिस्सेदारी-media-me-hissedari.-patna-pragya-sodh-sansthan.-2009..pdf
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