• सवर्ण आरक्षण, मोदी और मंदिर के मुद्दे को पलीता

    Author(s):
    Pramod Ranjan (see profile)
    Date:
    2019
    Group(s):
    Communication Studies, Political Philosophy & Theory
    Subject(s):
    Caste, Affirmative action programs--Government policy, Dalits--Government policy, Indigenous peoples--Politics and government, Indian newspapers
    Item Type:
    Editorial
    Tag(s):
    Narendra Modi, Dalits, obc, adivasi, news coverage, upper caste
    Permanent URL:
    https://doi.org/10.17613/hffv-5a27
    Abstract:
    सरकार ने सामन्य तबके, जिन्हें सामान्य तौर पर हम सवर्ण कहते हैं, उन्हें भी आरक्षण देने की घोषणा की है। लेकिन, आरक्षण नामक काठ की हांडी में येन केन प्रकारेण कई बार राजनीति का पानी गर्म किया जा चुका है। अब यह व्यापक सरोकार वाला मुद्दा नहीं रह गया है। कम-से-कम महानगरों में तो नहीं। यह बूढ़े होते अधेड़ों को युवाओं की अपेक्षा अधिक अपील करता है। जबकि, इससे अधिक जुड़ाव युवाओं का होना चाहिए था। पिछले कुछ वर्षों में दुनिया जितनी तेज गति  से बदली है, और बदल रही है, उतनी तेजी से सभ्यता के इतिहास में कभी नहीं बदली। ये बदलाव आरक्षण की मौजूदा अवधारणा को (कम से नौकरी के परिप्रेक्ष्य में) अप्रासंगिक बनाते जा रहे हैं। हाँ, शिक्षा के क्षेत्र में इसकी प्रासंगिकता अभी भी मजबूती से बनी हुई है। एक ओर गरीब सवर्णों को आरक्षण देने से तात्कालिक रूप से सवर्ण समुदाय की एकता टूटेगी, लेकिन संभावना यह भी है कि व्यावहारिक रूप से यह आरक्षण ‘गरीब सवर्णों’ के लिए न रहकर, सभी सवर्णों के लिए हो जाए। अगर पहली बात हुई तो बहुजन अवधारणा  मजबूत होगी क्योंकि गरीब सवर्ण अनेक मुद्दों पर बहुजन तबके के साथ आने लगेंगे। इससे अधिक न्यायपूर्ण संघर्षों की शुरूआत होगी। साथ ही बहुजन तबकों की ओर से आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने की मांग उठेगी। दूसरी ओर, बड़ा खतरा यह रहेगा कि इसी बहाने कांग्रेस और भाजपा मिलकर संविधान की उस मूल अवधारणा को ही बदलने की कोशिश कर सकते हैं, जिसके तहत सामाजिक रूप से दलित-शोषित तबके को सत्ता केंद्रों में प्रतिनिधित्व दिया गया है।
    Notes:
    This editorial was published in "Forward press" on 8 January 2019
    Metadata:
    Published as:
    Online publication    
    Status:
    Published
    Last Updated:
    5 months ago
    License:
    Attribution
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